शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

सरला बिरला अकादमी: शिक्षा, संस्कार और सपनों का संगम

सरला बिरला अकादमी: शिक्षासंस्कार और सपनों का संगम

बेंगलुरु स्थित सरला बिरला अकादमी (एस.बी.ए.केवल एक आवासीय विद्यालय ही नहींबल्कि वह संसार है जहाँ शिक्षा संस्कारों से जुड़ती है और सपने दिशा पाते हैं। यह विद्यालय भारत के अग्रणी औद्योगिक समूह आदित्य बिरला समूह की उन मूल भावनाओं और व्यावहारिक मूल्यों की सजीव अभिव्यक्ति हैजिनकी नींव मानवीय मूल्यईमानदारीनैतिकतासहयोगप्रतिबद्धता और निरंतर प्रगति पर रखी गई है। कक्षा 5 से 12वीं तक संचालित यह प्रतिष्ठित बॉयज़ रेज़िडेंशियल स्कूल ICSE, ISC, IGCSE एवं IB जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा से जोड़ता है। किंतु यहाँ शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहती—यह जीवन को समझने और जीने की कला सिखाती है।

     आज के समय में जब प्रतिस्पर्धा और तकनीक शिक्षा का केंद्र बन गई हैसरला बिरला अकादमी मानवीय मूल्यों को शिक्षा का आधार बनाती है। ईमानदारीनिष्ठापारदर्शिता और विश्वास जैसे मूल्य यहाँ दैनिक जीवन का हिस्सा हैं। विद्यालय का विश्वास है कि सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण केवल अकादमिक उत्कृष्टता से नहींबल्कि चरित्र निर्माण से होता है।

      एस.बी.ए. की आत्मा में प्राचीन गुरुकुल परंपरा की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। यहाँ शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहींबल्कि मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। छात्र-शिक्षक संबंध औपचारिक दायरे से आगे बढ़कर स्नेहविश्वास और आत्मीयता का रूप ले लेते हैं। आधुनिक पाश्चात्य प्रभावों के बीच यह विद्यालय भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है।

      यहाँ विद्यार्थी केवल परीक्षा की तैयारी नहीं करतेबल्कि स्वतंत्र रूप से सोचनेकल्पना करने और नवाचार के नए आयाम खोजने के लिए प्रेरित होते हैं। एस.बी.ए. उन्हें नए रास्ते गढ़ने और भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने का अवसर प्रदान करता है—और यही इसे विशिष्ट बनाता है।

       नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों के साथ-साथ विद्यार्थियों को सामाजिक और वैश्विक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार किया जाता है। KISA, ROUND SQUARE, IPSC, TAISI, IAYP, IIMUN एवं IFSPD जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं और मंचों से जुड़कर विद्यार्थी खेल, समग्र विकास, सेवासाहसिक गतिविधियोंकौशल विकास और शारीरिक सशक्तिकरण का अनुभव प्राप्त करते हैं। ये अनुभव उन्हें नेतृत्वसतत विकास और वैश्विक नागरिकता की ओर अग्रसर करते हैं।

      दो दशकों से अधिक की समर्पित शैक्षिक यात्रा में सरला बिरला अकादमी ने अपने मूल्यों पर आधारित दृष्टिकोण से उल्लेखनीय पहचान बनाई है। इसी का परिणाम है कि विद्यालय को वर्ष 2023 में “स्कूल ऑफ द ईयर” तथा 2025 में देश के “प्रथम बॉयज़ आवासीय विद्यालय” का गौरव पूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है।

       एस.बी.ए. में शिक्षा का अर्थ समाज से जुड़ना भी है। “प्रोजेक्ट अक्षयकल्प” जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षणसतत विज्ञान और पारंपरिक कृषि ज्ञान के महत्व को समझते हैं। विद्यालय के छात्र समाज में गरीब और असहाय बच्चों को शिक्षित करनेपर्यावरण की साफ़-सफ़ाई करके उसे स्वच्छ रखने और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के माध्यम से संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनते हैं।

      रचनात्मकता तो यहाँ विद्यार्थियों की पहचान है। एस.बी.ए. के स्टूडियो और मंचों पर बात-विवाद प्रतियोगिताओं में आत्मविश्वास पनपता है तो कहीं रचनात्मकता के पायदान पर कहानियाँ जन्म लेती हैंसंगीत रचा जाता है और कल्पनाएँ रंगों में ढलती हैं। यही वह स्थान है जहाँ सपने केवल देखे नहीं जातेबल्कि उन्हें साकार करने का साहस भी सिखाया जाता है।

     सरला बिरला अकादमी वास्तव में वह भूमि है जहाँ शिक्षासंस्कार और सृजनशीलता मिलकर भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करती है।

                                                          डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा 

  

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